पवित्र प्रेम या अभिशाप Season 2 - 1

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रात का समय था। बाहर भयंकर बारिश हो रही थी। बिजली की चमक पूरे आसमान को बार-बार चीर रही थी।घर के अंदर...रितांशी अपने कमरे में पढ़ रही थी। राधा रसोई समेट रही थी। तभी ऊपर वाले कमरे से एक दर्द भरी चीख सुनाई दी।आह्ह्ह....!!राधा का दिल धक से रह गया।वो बोली - रितांश!वो भागती हुई उसके कमरे की तरफ दौड़ी। कमरे का दरवाज़ा खुला। और अंदर का दृश्य देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। रितांश बिस्तर पर पड़ा तड़प रहा था। उसकी साँसें बेकाबू थीं।पूरा शरीर पसीने से भीगा हुआ था।राधा बोली - बेटा क्या हुआ?राधा घबराकर उसके पास बैठ गई।