कमरे की सीलन भरी हवा में छत वाले पुराने पंखे की 'कटर-कटर' आवाज़ किसी उल्टी गिनती की तरह गूंज रही थी। आर्यन ज़मीन पर, घुटनों के बीच सिर दिए बैठा था। उसके माथे से पसीने की एक ठंडी बूंद फिसलकर उसके कांपते हाथों में जकड़े फोन की स्क्रीन पर गिरी। उसकी उंगलियां पागलों की तरह वेबपेज का 'रिफ्रेश' बटन पीट रही थीं, लेकिन स्क्रीन पर छपा 'एरर 404 - पेज नॉट फाउंड' (Error 404 - Page Not Found) का सफ़ेद पन्ना किसी कफ़न की तरह उसे घूर रहा था।पच्चीस दिन... बस पच्चीस दिन में पैसे दोगुने करने का वो सुनहरा