अंश, कार्तिक, आर्यन - 14

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शादी के बाद रणजीत की ज़िंदगी पूरी तरह बदल गई थी।कभी जो लड़का दुनिया में बिल्कुल अकेला था, आज उसके पास अपना परिवार था।अब उसके जीवन में श्री मलोत्रा थे—एक ऐसे पिता, जिन्होंने उसे जन्म नहीं दिया था, लेकिन उससे कहीं बढ़कर प्यार दिया था।वे उस पर भरोसा करते थे।जब भी रणजीत किसी मुश्किल में पड़ता, श्याम जी उसके साथ खड़े रहते।वो उसे सिर्फ व्यापार चलाना नहीं सिखा रहे थे, बल्कि एक अच्छा इंसान बनना भी सिखा रहे थे।रणजीत अक्सर सोचता था कि अगर उसके असली पिता भी ऐसे होते, तो शायद उसकी ज़िंदगी कभी उस अंधेरे में नहीं जाती।और