वोह मुलाकात

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वोह मुलाकातभावपूर्ण हिंदी कहानीलेखक: विजय शर्मा ऐरीबरसात की हल्की-हल्की बूंदें आसमान से गिर रही थीं। शाम का समय था। शहर के पुराने रेलवे स्टेशन पर लोगों की भीड़ लगी हुई थी। कोई अपने प्रियजन को विदा करने आया था, तो कोई किसी का इंतजार कर रहा था।प्लेटफॉर्म नंबर तीन की एक बेंच पर बैठा अमन बार-बार अपनी घड़ी देख रहा था। उसकी आंखों में बेचैनी साफ दिखाई दे रही थी।"क्या वह आएगी?" उसने मन ही मन सोचा।पांच साल...पूरे पांच साल बाद आज वह अपनी जिंदगी के सबसे खास इंसान से मिलने वाला था।उसका नाम था नेहा।नेहा और अमन एक समय