(कंक्रीट के गिरने की भयानक आवाज़ें, अलार्म की तीखी चीखें, और रंजना की पागलों जैसी हँसी। आर्यन के कानों में सिर्फ आयशा की सांसें गूँज रही हैं।)समय का चक्र अब सेकंडों में सिमट चुका था। लैब की छतें ताश के पत्तों की तरह ढह रही थीं। आर्यन ने आयशा को अपने जैकेट के अंदर मजबूती से लपेटा और अपना पूरा ज़ोर लगाकर उस मुख्य खंभे की तरफ दौड़ा, जिसे रंजना ने एक्सप्लोसिव्स से घेर रखा था।सीन 1: रंजना का आखिरी खेलरंजना ने हाथ में रिमोट थामे हुए आर्यन को रोका। "तुमने अपने पिता का साम्राज्य तो खत्म कर दिया आर्यन,