(हवेली के हॉल में भारी सन्नाटा, जिसे केवल आर्यन की तेज़ सांसें और दूर कहीं गिरती हुई बारिश की बूंदों की आवाज़ तोड़ रही है। रंजना का चेहरा डर और हैरत से सफेद हो चुका है। समीर, जो अभी-अभी सामने आया था, उसकी आँखों में एक ऐसी चमक है जो किसी रहस्यमय मक़सद को दर्शाती है।)रंजना ने अपने हाथ हवा में उठाए, जैसे वह किसी अदृश्य ताकत से अपना बचाव कर रही हो। "नहीं! यह झूठ है! मीरा मर चुकी है! मैंने खुद... मैंने खुद उसे...!"समीर, जिसकी उपस्थिति अभी भी आर्यन के लिए एक पहेली थी, धीरे-धीरे हॉल के बीच