50 दिन का सन्नाटा - एपिसोड 22

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(जंगलों के बीच एक पुरानी कार की आवाज़ जो धीमे-धीमे चल रही है। रात का सन्नाटा है, लेकिन हवा में रंजना की उन हाई-हील्स की आवाज़ गूँज रही है जो कंक्रीट पर एक लय में पड़ रही हैं। आर्यन का सिर अभी भी भारी है, वह एक अजनबी की तरह रंजना को देख रहा है।)आर्यन ने रंजना की तरफ देखा। उसकी आँखों में न कोई नफरत थी, न ही कोई पहचान। उसने अपनी बेटी आयशा को अपनी बाहों में कसकर पकड़ रखा था। उसे बस इतना पता था कि उसे इस बच्ची की रक्षा करनी है, लेकिन क्यों? वह यह