Oyy Mr. Vampire - 1

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एक घर… जो गहरे अंधेरे में डूबा था।चारों तरफ़ एक भयावह सन्नाटा पसरा हुआ था।सिर्फ़ घड़ी की टिक-टिक… टिक-टिक… उस सन्नाटे को चीर रही थी।घर के एक कोने में एक ग्यारह साल की बच्ची दुबकी बैठी थी।उसने अपने मुँह पर हाथ रख लिया था।चेहरे से पसीना टपक रहा था और साँसें तेज़ होती जा रही थीं।तभी सन्नाटे को चीरते हुए वो बच्ची चीख पड़ी  "माँ!"वो एकटक सामने देख रही थी ! सामने का मंजर इतना भयानक था कि उसकी रगों में खून जम गया ! एक आदमी ने एक औरत का गला दबोच रखा था।वो आदमी धीरे से पीछे मुड़ा…उसकी नज़रें सीधे