(हेलिकॉप्टर के पंखों के घूमने की तेज़ और भयंकर आवाज़। हवा का शोर इतना है कि आर्यन को अपनी खुद की आवाज़ भी सुनाई नहीं दे रही। लोहे की चीखती हुई आवाज़ें जैसे हेलिकॉप्टर का ढांचा टूट रहा हो।)आर्यन ने हेलिकॉप्टर के केबिन के भीतर खुद को संभाला। उसे समझ आ गया था कि यह उसका अंत नहीं, बल्कि उसके पिता का अंतिम 'कठपुतली तमाशा' है। वह हेलिकॉप्टर अचानक नीचे नहीं गिर रहा था, उसे नियंत्रित तरीके से नीचे गिराया जा रहा था। नीचे, वह खंडहर हवेली एक बहुत बड़े 'डेड ट्रैप' (मृत्यु जाल) की तरह दिख रही थी।सीन 1: