50 दिन का सन्नाटा - एपिसोड 19

(एक ठंडी हवा का झोंका जो कोठरी की सलाखों से टकराकर एक लंबी 'सीटी' जैसी आवाज़ पैदा कर रहा है। आर्यन की धड़कनें किसी पुरानी घड़ी की तरह तेज़ और लयबद्ध तरीके से बज रही हैं। उसके कानों में उसकी अपनी ही दो आवाज़ें गूँज रही हैं—एक जो माफी मांग रही है, और दूसरी जो पागलों की तरह हंस रही है।)आर्यन के हाथ में वह रिवॉल्वर थी। उसकी उंगली ट्रिगर पर थी। आयशा उसके सामने खड़ी थी, उसकी आँखें उम्मीद और डर के बीच झूल रही थीं। "पापा, यह मत कीजिए! आप जो कुछ भी देख रहे हैं या सुन