फुटपाथिया - 2

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अंक दो (थाने के अन्दर का मैदान। एक मेज़ और दो कुर्सियाँ रखी हैं। वापट खुश होकर चहलकदमी करता है। मेज़ पर फाइल रखी है।)बापट- मिल गया चोर। दूसरे किसी को क्यों नहीं मिला? बापट सभी कैसे हो सकते हैं? नाचो गाओ, मिल गया चोर। (नेपथ्य से-कौन बापट?) बापट- जी सर। (अभिवादन करता है। ) (नेपथ्य से-नाच रहा है क्या?)बापट- नहीं सर, कदम ताल कर रहा हूँ। मन कदमताल करना माँगता सर। (सावन्त आ जाता है। )बापट- (चहकते हुए) सर बीवी कहती है कंगन चाहिए।सावन्त- किस खुशी में बापट ?बापट- सर, चोर जो पकड़ा है।सावन्त- वह तो मेरी बेगम भी एक हीरे के हार की