उन्हें नींद नहीं आती-1-II

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बातुल- मि. कटियार तुम तो कहते हो कि देश में गरीबी नहीं है। कोई भूखों नहीं मरता। यहाँ आकर क्यों नहीं देखते? फर्जी आंकड़ो से देश नहीं चलता। मोलई की भूख किस किस को डसेगी। जगरूप तुम पानी लाओ। मि.कटियार आकर देखो.....।कटियार-(प्रवेशकर) क्यों चिल्ला रहे हो मि. बातुल?बातुल- तुम्हें दिखाना चाहता हूँ कि देखो इस देश में लोग भूख से मर रहे हैं और तुम कहते हो कि सरकार को चैन से सोने दो।कटियार- इतनी बड़ी आबादी में दो-चार लोग मर ही जायेंगे तो पहाड़ नहीं टूट पडेगा बातुल। सरकार को नींद आनी ही चाहिए।बातुल- ठीक कहते हो इसी सोच