चलो दूर कहीं..! - 20

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चलो दूर कहीं -20रवि के जमीन पर पड़े शरीर से लिपटकर प्रतीक्षा को रोते देख बुत बनी बैठी सुमी के तन बदन में जैसे आग लग गई हो वह उठी और प्रतीक्षा को पकड़ कर खींचते हुए चीखी, " रवि से दूर हट चुड़ैल.. आज तेरे ही कारण इसका ये हाल हुआ है..? मैं तुम्हारी छाया भी इस पर पड़ने नहीं दूंगी.. तू डायन है डायन..तू मेरे रवि को खा गई.. अब तो तेरे कलेजे को ठंडक पहुंच गया होगा..? फिर ये नाटक क्यों कर रही है..?" कहकर वह उसके हाथ को पकड़ कर खींचती रही परन्तु वह टस से मस