(अदालत का भारी दरवाजा खुलने की गूंज। कमरे में वकीलों की कानाफूसी और जजों के हथौड़े (Gavel) की ठक-ठक की आवाज़। आर्यन के जूतों की आवाज़ जो अब बहुत धीमी और स्थिर है।)अदालत का वह कमरा बीस साल पहले भी ऐसा ही था, लेकिन आज आर्यन की नज़र में सब कुछ बदल चुका था। हवा में फाइलों की पुरानी महक और कानून की कठोरता का एक अजीब सा मिश्रण था। आर्यन कटघरे (Witness Stand) की तरफ बढ़ा। उसके पैर कांप नहीं रहे थे। बीस साल पहले इसी जगह पर खड़े होकर उसने समीर के खिलाफ झूठ बोला था, और आज