50 दिन का सन्नाटा - एपिसोड 11

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(भारी लोहे के दरवाज़े के खुलने की कर्कश आवाज़। जेल के गलियारे में कैदियों के फुसफुसाने और हथकड़ियों के टकराने की गूँज। आर्यन के कदमों की आवाज़ जो फर्श पर किसी अजनबी की तरह पड़ रही है।)आर्यन ने कांपते हाथों से वह पुलिस की वर्दी पहनी। वह वर्दी उसके लिए सिर्फ कपड़े नहीं थे, बल्कि उस बीस साल पुराने पाप का आईना थी, जिसे पहनकर उसने समीर की ज़िंदगी तबाह की थी। समीर उसके सामने खड़ा था, उसकी वर्दी पर अब एक कैदी का नंबर '420' लिखा था—वही नंबर जो बीस साल पहले समीर को दिया गया था।सीन 1: जेल