अकथ - भाग 4

  • 108
  • 1
  • 57

‎सुबह की पहली किरण के साथ ही अवनी के सर में एक अजीब सा दर्द था। भारी मन से उसने फोन उठाया और अपने बॉस का नंबर डायल किया।‎"हेलो सर, मुझे आज एक दिन की छुट्टी चाहिए थी। मेरी तबीयत ठीक नहीं है," अवनी ने ढीली आवाज़ में कहा।‎उधर से बॉस की कड़क आवाज़ आई, "क्या? छुट्टी? अवनी, ऑफिस में पहले ही काम का पहाड़ खड़ा है और तुमने कल की जरूरी फाइल भी अभी तक नहीं भेजी है। आज तो तुम्हें आना ही पड़ेगा।"‎"लेकिन सर, प्लीज... बस आज आज की बात है," अवनी ने मिन्नत की।‎बॉस का पारा चढ़