50 दिन का सन्नाटा - एपिसोड 5

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(साउंड इफेक्ट: बाहर भीषण तूफान की गर्जना, खिड़कियों के टकराने की आवाज़। अंदर एक ठंडी हवा का झोंका आता है, जो मोमबत्तियों की लौ को बुझाने की कोशिश कर रहा है। अचानक सब कुछ खामोश हो जाता है।)आर्यन मल्होत्रा अपनी हवेली के उसी हॉल में खड़ा था जहाँ कुछ देर पहले हज़ारों लोगों की चिल्लाने की आवाज़ें आ रही थीं। अब वहाँ सिर्फ एक अजीब सा सन्नाटा था। उसने अपनी आँखों को रगड़ा, उसे लगा कि शायद यह उसकी थकान या उस मदिरा का असर है जो उसने रिसेप्शन के बाद पी थी। लेकिन जैसे ही उसने खिड़की से बाहर