आख़िरी हिसाब: एक अधूरी डायरी - 2

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एपिसोड 2: शक का घेरा और बंद कमराकबीर की मौत की खबर ने पूरे पहाड़ी शहर को हिलाकर रख दिया था। सुबह के छह बज रहे थे, लेकिन आसमान पर अब भी घने काले बादल छाए हुए थे। वुडन कॉटेज के बाहर पुलिस की पीली टेप (Crime Scene Tape) हवा में लहरा रही थी। फॉरेंसिक टीम कमरे के कोने-कोने से उंगलियों के निशान और सबूत इकट्ठा करने में जुटी थी।ज़ोया लिविंग रूम के सोफे पर बेसुध बैठी थी। उसकी सूजी हुई आँखें और कांपते हाथ उसकी मानसिक हालत बयां कर रहे थे। अमन उसके ठीक बगल में बैठा था, लगातार