दी किंग ऑफ अंडरवर्ल्ड - 3

  • 132

सुबह के नौ बजे।शिवपुर जाग चुका था।लेकिन आज शहर में कुछ अलग था।चाय की दुकानों से लेकर जुए के अड्डों तक…हर जगह सिर्फ एक ही बात हो रही थी—“राजू भाई मर गया।”“एक लड़के ने मारा।”“अकेले।”“सात आदमी काट डाले…”कहानियाँ हर घंटे के साथ और खतरनाक होती जा रही थीं।कोई कह रहा था अर्नब पुलिस वाला है।कोई उसे सुपारी किलर बता रहा था।लेकिन किसी ने उसका असली चेहरा साफ नहीं देखा था।और यही चीज़ डर पैदा कर रही थी।आजम बाजार।राजू भाई के आदमी पहली बार बिना आवाज़ के बैठे थे।दुकानों से वसूली बंद थी।पूरा इलाका अनाथ लग रहा था।तभी सड़क पर एक