रिद्धि एक पुरानी दीवार के पीछे छूपी हुई थी। और वह अपने हाथों से अपने कानों को बंद किए हुए थी ।तभी, उसे दूर कहीं उस 'कुत्ते-राक्षस' के भारी कदमों की आवाज़ सुनाई दी। वह राक्षस जानबूझकर धीरे-धीरे चल रहा था, जैसे वह इस खेल का मज़ा ले रहा हो। उसे पता था कि समीर का खेल खत्म हो चुका है, लेकिन शिकार को तड़पाने में जो आनंद था, वह उसे छोड़ना नहीं चाहता था।दूसरी तरफ, विक्की गुफा के अंधेरे में खुद को कोस रहा था। लेकिन बाहर जंगल में ढूंढते-ढूंढते उस राक्षस की नज़र उस पत्थर पर पड़