आख़िरी हिसाब: एक अधूरी डायरी - 1

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"प्यार, दोस्ती और अंतहीन सस्पेंस से बुनी एक ऐसी दास्तान, जहाँ हर कदम पर एक नया राज़ छिपा है। तीन दोस्त—अमन, कबीर और ज़ोया, जिनकी ज़िंदगी एक आलीशान कॉटेज में हमेशा के लिए बदल जाती है। जब आधी रात के सन्नाटे में एक बेरहम मर्डर होता है, तो शक की सुई अपनों पर ही आकर टिक जाती है। क्या कातिल का शातिर दिमाग पुलिस की तफ्तीश से बच पाएगा? या कबीर के खून से सनी वो नीली डायरी खोलेगी अमन की अलमारी का वो खौफनाक सच? पढ़िए एक गहरी दिमागी जंग और आख़िरी हिसाब की कहानीएपिसोड 1: आधी रात का