===========================वो बचपन बहुत याद आता है वो मस्ती भरे दिनवो पीपल की छाँववो सखियों का साथलाल-परी-नीली परीपोशम्पा - भाई - पोशम्पाबोल मेरी मछली कितना पानीवो नन्हा-सा राजकुमारवो परियों की कहानीवो बचपन आज बहुत याद आयाआज तो कैसा सुनापन हैखाली चौपाल, खाली आँगन हैवो नन्हीं चिड़ियाँ भी आज नहीं आयींवो नानी का प्यार, वो दादी का दुलारफिर से पाने को आँख छलक आयीएक-दूजे के लिए आज वक्त नहीं हैपर नेटफ्रेंड की कमी नहीं हैइस तकनीकी दुनिया ने सबकुछ छीन लियानन्हें-मुन्नों से उनका भोला बचपनऔर बड़ों से उनका सुख-चैन लियाफेसबुक और वीडियो गेम नेदुनिया को तो जोड़ा पर अपनी ही जड़ों से