Elena ने अपनी आँखों से वो सब देखा…जो उसके पिता उसकी माँ के साथ करते थे।उसकी माँ बार-बार रोते हुए कह रही थी—“मत मारो…”लेकिन उसके पिता ने उसकी एक नहीं सुनी।डरी हुई Elena भागकर अपनी दादी के पास गई और उन्हें बुलाकर लाई।लेकिन फिर भी उसके पिता नहीं रुके।आस-पास के कुछ लोगों ने बीच-बचाव किया…जबकि कुछ लोग बस खड़े होकर तमाशा देखते रहे।उस वक्त Elena को उन लोगों पर बहुत गुस्सा आया।लेकिन वो कर भी क्या सकती थी?वो सिर्फ एक छोटी बच्ची थी।लेकिन अपनी माँ की वो सिसकियाँ सुनकर…Elena अंदर तक टूट गई थी।धीरे-धीरे ये सब देखते हुएअब Elena दस