फिल्म नहीं न्याय और अन्याय का द्वंद है। "टू ग्रेव्स" ---------------------------------------- किस तरह परिवार की लड़कियां ध्यान नहीं देने से अपनी मनमानी करती हैं और फिर मुसीबत में पड़ जाती हैं। दो सत्रह अठारह साल की चुलबुली,सपने देखने वाली लड़कियां ।जिन्हें जिंदगी से कोई शिकायत नहीं,मस्ती से जीवन गुजर रहा।पार्टी,दोस्ती संग घूमना। वेरोनिका और मार्था की कहानी से बात शुरू होती है। वेरोनिका की मम्मी तलाक ले उसके शॉप ऑनर पिता से अलग हो गईं।उसकी दादी ,इजाबेल जो उसे और उसकी छोटी बहन को बहुत प्यार करती है,पालती हैं। दादी एक दिन दो हरे इयरिंग्स प्रिय पोती