---जिंदगी एक परीक्षा है लेखक: विजय शर्मा एरी ---पहला अध्याय: कस्बे की गलियाँ और बचपनअमित का बचपन पंजाब के एक छोटे कस्बे में बीता। गलियाँ संकरी थीं, लेकिन उनमें जीवन की चहल-पहल थी। सुबह दूधवालों की आवाज़, शाम को बच्चों की किलकारियाँ, और रात को चौपाल पर बुज़ुर्गों की कहानियाँ। अमित का घर साधारण था—कच्ची दीवारें, टीन की छत, और आँगन में नीम का पेड़। पिता सरकारी दफ़्तर में क्लर्क थे, पर अचानक नौकरी चली गई। घर की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई। माँ अक्सर कहतीं— "अमित, हालात चाहे जैसे हों, इंसान को हिम्मत नहीं हारनी चाहिए।" लेकिन किशोर अमित के लिए यह सबक समझना आसान