पवित्र प्रेम या अभिशाप ? - 9

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गंगा किनारे तूफानी हवाएँ चल रही थीं…आसमान पूरी तरह काला पड़ चुका था। तीनों वैंपायर सामने खड़े थे खतरनाक… शक्तिशाली… और गुस्से में। पहला वैंपायर आगे बढ़ा। उसकी लाल आँखें सीधे सिद्धिका पर टिकी थीं।वो बोला - हम आखिरी बार कह रहे हैं…हमारे साथ चलो।वरना इस इंसान की मौत तुम्हारी आँखों के सामने होगी।सिद्धिका की उंगलियाँ काँपने लगीं।वो जानती थी ये लोग सच में कृष्णा को मार सकते हैं।उसने धीरे से कृष्णा की तरफ देखा…और उसकी आँखें भर आईं।लेकिन कृष्णा बिना डरे उसके सामने खड़ा रहा।वो बोला - अगर इसे ले जाना है…तो पहले मुझे पार करना होगा।तीसरा वैंपायर गुस्से में गुर्राया—तो