Devil की दास्तान - 9

(13)
  • 666
  • 234

(रात का समय। गली का अँधेरा। करण एक क्रिमिनल से लड़ रहा है। उसकी लाल आँखें चमक रही हैं।)"करण की प्यास अब और बढ़ चुकी थी।कई दिनों से उसने खून नहीं पिया था।और अब, सामने खड़ा अपराधी उसे रोक नहीं पा रहा था।"(करण क्रिमिनल पर टूट पड़ता है। कुछ ही समय में वह उसे मार देता है और उसका खून पीता है।)(सिमरन, जो छुपकर सब देख रही थी। उसकी आँखों में डर और सन्नाटा।)Simran (धीमे स्वर में, भयभीत होकर) बोली - "ये क्या... वो खून पी रहे हैं... वो... वो शैतान हैं!"(सिमरन डर के मारे पीछे हटती है।)"सिमरन ने करण को