शादी का माहौल और भी रंगीन हो चुका था।डीजे की तेज़ धुन…लाइट्स की चमक…और बीच में लोगों का डांस।दिव्यम ने धीरे से चित्र का हाथ थामा—“चलो… थोड़ा डांस कर लेते हैं।”चित्र घबरा गई—“नहीं… मुझे नहीं आता…”दिव्यम हल्का सा मुस्कुराया—“बस मेरे साथ चलो… बाकी मैं संभाल लूंगा।”उसकी आवाज़ में इतना भरोसा था किचित्र मना नहीं कर पाई। सबके सामने एक नया पलदोनों डांस फ्लोर पर पहुँचे।शुरू में चित्र के कदम डगमगाए…लेकिन दिव्यम ने उसका हाथ कसकर थामे रखा।धीरे-धीरे…चित्र भी लय में आने लगी।उसके चेहरे पर हल्की मुस्कान थी…जो शायद सालों बाद आई थी।लोग तालियाँ बजाने लगे—“वाह भाभी जी!”“क्या जोड़ी है!” उधर