चलो दूर कहीं..! - 17

  • 798
  • 333

चलो दूर कहीं.. 17प्रतीक्षा घंटों मां के पास बैठी कभी उसका सिर दबाती तो कभी उसका पैर..! मां की दशा देख वह बहुत बैचैन थी..! उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें मां को इस हाल में छोड़ कर जाय या नहीं..? एक सप्ताह के बुखार में ही ऐसा बिछावन पकड़ी है कि जैसे महीनों से बीमार हो..न ठीक से खाती पीती है और न ही चल फिर सकती है..अगर मैं इसे इस हाल में छोड़ कर गई तो यह जीते जी मर जाएगी..नही नहीं..मैं ये पाप नहीं कर सकती..! काफी सोच-विचार करने के बाद उसने रोहन