जिंदगी की दूसरे किनारा - 10

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जिंदगी की दूसरे किनारा पार्ट 10और वही अब धीरे-धीरे समय देखा गया मेघना अब धीरे-धीरे अपने रूम से ही ऑनलाइन काम कर रही है उसके हाथों से बैंडेज है चुका हैऔर वो अपनी पहचान छुपाते हुए वह बिस्तर पर बैठी हुई है और दोनों हाथ उसकी लैपटॉप की की बोर्डपर है वह कीबोर्ड को दबाते हुए कुछ लिख रही है और वहीं दूसरी तरफ दूर शहर मथुरा में मेघना के मां अपनी छोटी बेटी रिया के सामने खड़ी हैऔर उसे देखते हुए हल्की आवाज में कहती हैरिया जा मेघना को घर लेती हैऔर वही रिया अपनी मां के सामने खड़ी होते हुए उनकी बातें सुनते हुए अचानक से अपने दोनों