ये कहानी तभी पूर्ण होती है अगर शरुवात और अंत मिल जाये... यही कहानी हर लेखनी का कमाल है... शरू वही से... कृष्णा जी की आरती कर चुकने के बाद किंवाड़ बंद कर होंगे थे। रात पड़ चुकी थी। बनवारी ने पूछा था " अकल आप करते कया है। " वो हस कर बोले " बेटा मेरा पानीपत मे बुटो का सेल्स मैन हूँ.. बड़ा ख़फ़ायिती बिजनेस है... लाखो का लेन देन। " बनवारी की आँखे खुल गयी थी। सोच कर गुम हो गया था। फिर एक वार काँप गया... " अकल आपका नाम " बनवारी ने पूछा। " मेरा