Devil की दास्तान - 5

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(अंधेरा कमरा। बाहर से आती हवा की सीटी, खिड़कियाँ ज़ोर-ज़ोर से हिल रही हैं। दरवाज़े पर बार-बार चोट पड़ रही है। अचानक...)धड़ाम्म्म!!(दरवाज़ा टूटकर गिर जाता है। वो काली परछाई चाकू लहराते हुए अंदर घुस आती है। उसकी आँखें धुंधली पर डरावनी चमक रही हैं। सिमरन चीख उठती है और पीछे हटने लगती है।)सिमरन (चीखकर) बोली - "आआआ... हे भगवान!"(क्षणभर में करण सिमरन को अपनी बाँहों में खींच लेता है। उसके विशाल पंख फैलकर उसे पूरी तरह ढक लेते हैं। सिमरन उसका सीना कसकर पकड़ लेती है, उसका दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़क रहा है। उसके चेहरे पर आँसू हैं और डर से