Episode - 8 (एक खबर और सब खत्म)आर्यन की मौत की खबर ने रिया के जीवन से सारे रंग छीन लिए थे। मिस्टर दीक्षित ने उसे समझाने की बहुत कोशिश की, "बेटा, जो आया है उसे एक दिन जाना ही पड़ता है। आर्यन का समय शायद इतना ही था। उसे भूल जाओ और जीवन में आगे बढ़ो मेरी गुड़िया।" पर रिया के लिए आर्यन सिर्फ एक दोस्त नहीं, उसकी रूह का हिस्सा था। वह रातों को आर्यन का नाम लेकर तकिए में मुंह छिपाकर रोती, पर उसका दर्द सुनने वाला कोई न था।महीने बीत गए। मिस्टर दीक्षित एक रिश्ता लेकर आए।