कुसुम रायपुर शहर में कुसुम अपने पति और बच्चों के साथ बडी शान से अपना जीवन व्यतीत कर रही थी। वह बहुत अमीर थी। उसका पति शहर का एक माना हुआ डान और सट्टेबाज था जिसकी प्रतिदिन की कमाई हजारों रूपये में थी। वह अपनी अनैतिक गतिविधियों के सुचारू रूप से संचालन हेतु अनेक शासकीय कर्मचारियों को धन बांटा करता था और अनेक अधिकारी भी इसी तारतम्य में उसके पास आते जाते थे जिस कारण से उसकी अनेक शासकीय विभागों में गहरी पैठ थी। कुसुम के बच्चे भी अनैतिक ढंग से प्राप्त अनाप शनाप धन से बिगड चुके थे और