ऑटो उनके सामने आकर रुका…ड्राइवर ने अजीब नज़रों से दोनों को देखा —Driver बोला - क्या हुआ मैडम? ऐसे क्यों देख रही हो?दोनों जैसे अचानक होश में आईं…रिद्धि ने आंखें मिचमिचाकर फिर से देखा सब कुछ नॉर्मल था…ना कोई डरावना चेहरा…ना कोई अजीब बात…अपर्णा ने खुद को समझाते हुए कहा —शायद… हमने ज़्यादा सोच लिया…रिद्धि जल्दी से बोली —भैया! हमें घर छोड़ दोगे?ड्राइवर ने दोनों को ऊपर से नीचे तक देखा…उनकी आंखों में डर… उलझन… और कुछ अजीब सा था…अचानक उसका चेहरा सख्त हो गया —नहीं मैडम… मुझे देर हो रही है…और बिना कुछ कहे…वो ऑटो लेकर तेजी से निकल गया।रिद्धि