ऑफिस — सीनियर्स के केबिन के अंदर। तीनों सीनियर्स ज़मीन पर बेहोश पड़े हैं। बाकी कर्मचारी दरवाज़े के बाहर खड़े डरे हुए देख रहे हैं। कृषांत धीरे से श्राव्या के कंधे पकड़कर उसे झकझोरता है।कृषांत (तेज़ लेकिन कंट्रोल में) बोला - श्राव्या! होश में आओ!श्राव्या की आँखें धीरे-धीरे झपकती हैं…उसका चेहरा confused है…श्राव्या (घबराकर) बोली - S… sir… क्या हुआ?वो चारों तरफ देखती है… सब उसे घूर रहे हैं।श्राव्या (डरी हुई) बोली - सब… सब मुझे ऐसे क्यों देख रहे हैं?श्राव्या की नज़र नीचे जाती है…तीनों सीनियर्स ज़मीन पर पड़े हैं।वो एकदम से पीछे हटती है… घबरा जाती है।श्राव्या (काँपती आवाज़ में) बोली