मल्होत्रा कोई साधारण परिवार नहीं थे। वे तीन पीढ़ियों से चले आ रहे ,काले कामों के बादशाह थे।उनकी जड़ें इतनी गहरी थींकि सच और झूठ की रेखा कब मिट गई हैं किसी को पता ही नहीं चला।शुरुआत छोटे लड़के की जिद ओर जुनून से हुई थी।दादा के समय में ,उन्होंने शहर के अंडरवर्ल्ड में कदम रखा था ।पिता के समय तक—उन्होंने उस अंडरवर्ल्ड पर राज करना शुरू कर दिया। और अब… ये साम्राज्य विक्रम मल्होत्रा के हाथों में है। और उसके हाथों से ये उसके बेटे के हाथों में आयेगा और सत्तरह ये साम्राज्य कभी खत्म नहीं होगा। ये साम्राज्य एक