जिंदगी की दूसरे किनारा - 6

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जिंदगी के दूसरे किनारा पार्ट 6और तभी आरती दिखाते हुए वह लेडी अपने हाथ रोक लेती है और ठहरते हुए हल्की झुकती हैऔर अपने बाएं हाथों में पकड़े हुए घंटी को पूजा स्थल पर रखती है और फिर सीधे खड़ी होती है और फिर मुड़ते हुए अपनी बेटी के तरफ अपने कदम बढ़ती है और हल्की आवाज में कहती है चिंता मतकरो और वही रिया ठहरते हुए  अपनी मां के तरफ देखते हैं और वही वह लेडी अपनी बेटी के पास आते ही आरती की थाली दाऐ हाथें बढ़ाते हुए बाएं हाथ में लेती हैऔर फिर आरती की थाली देखते हुए अपनी दाऐ हाथ आरती की थाली में बड़ाते हुए उन से हाथों हाथों में प्रसाद उठाते