भाग 5: चंद्रनगर की यात्राट्रेन की खिड़की से बाहर देखते हुए आर्यन को लग रहा था जैसे वह समय में पीछे की ओर यात्रा कर रहा हो। शहर की ऊँची इमारतें धीरे-धीरे गाँवों और खेतों में बदल रही थीं। तीन दिन बीत चुके थे दंडाधिकरण की सुनवाई को, और अब उनके पास सिर्फ चार दिन बचे थे।मृया उसके सामने वाली सीट पर बैठी थी, अब पूरी तरह से दिखाई दे रही थी। माफी के बाद से उसका रूप स्थिर हो गया था, एक साधारण सूती साड़ी में, लंबे बाल बाँधे हुए। पर आम यात्री उसे नहीं देख पा रहे थे।