बचपन की सिख

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लगभग हर दिन, मैं एक और खबर देखती हूँ, जो बताती है कि बच्चे अविश्वसनीय रूप से क्रूर चीजें कर रहे हैं।हर हफ्ते एक खबर आती है कि स्कूल में धमकाने के कारण एक और बच्चा आत्महत्या कर लेता है..एक बच्चे ने गुस्से में दूसरे बच्चे का माथा फोड़ दिया,ऐसी क्रूर चीजें बच्चों में देखने को मिल रही हैं ये बात तो आप भी मानते होंगे कि बचपन की सीख जीवनभर साथ रहती है. बचपन की बातें और यादें हमेशा हमारे साथ बनी रहती हैं. बच्चे के सुनहरे भविष्य के लिए बेहद जरुरी हैं..ऐसे में ये माता-पिता की जिम्मेदारी बन जाती है