ओर नियति,,पता नहीं,,हमने उसे ढूंढने की कोशिश की पर उसका कुछ पता नहीं चला।।ये सुनकर रिहान ने अपनी आँखें बंद कर ली,,उसकी आंखों से आशु बहने लगे ।।।।प्रेजेंट टाइम।।।“मैने तुम्हे ढूंढने की बहुत कोशिश की… सब ने कहा कि शायद तुम भी मर चुकी हो… पर मेरे दिल ने ये मानने से मना कर दिया।दिन भगवान से यही प्रार्थना करता था कि तुम जहां कहीं भी हो, सेफ हो…”रिहान की आवाज़ भर्रा गई थी। उसकी आंखें नम थीं, लेकिन नज़रें सिर्फ नियति पर टिकी हुई थीं।“पर कई सालों तक जब तुम्हारे मिलने की कोई आस नहीं दिखी… तो मेरी हिम्मत