आस पास के पात्रों की कहानियाँ लेकर रची बुनी हुई पुस्तक है कोख का सौदा । अपरिमित स्नेह और संकोच के साथ इंदुभूषण जी ने अपनी लघु कथाओं के इस संग्रह को मुझे पढ़ने के लिए सितंबर , 2025 में भेजा था |मैंने उसे सरसरी निगाह में 27 सितंबर को पढ़ भी लिया था लेकिन उस दृष्टि से नहीं कि उस पर समीक्षा लिखी जाए |इधर अपने गृह जनपद गोरखपुर की एक पैतृक संपत्ति को बेंचने के जाल में मैं ऐसा उलझा कि सारा लिखना पढ़ना बाधित हो गया |बीच में इंदु जी