आर्यन अपने कमरे मेंजब से आर्यन के पिता से मिल कर लौटे थे तब से कार्तिक चुप चाप कुछ सोच रहा था।आर्यन सोफे की बैक पर हाथ टिकाकर खड़ा था।चेहरे पर हल्की मुस्कान थी, लेकिन उसकी आँखों में एक अजीब-सी नरमी आ गई थी। तुम अभी तो सिर्फ मेरे पिता से मिले हो और तब से तुम्हारी बोलती बंद है। उसने मजाक में कहा ।“तुमने अभी तक मेरी माँ को नहीं देखा है, कार्तिक…”उसने धीमे से कहा।अगर तुम उससे मिलोगे तो क्या करोगे?“पहली नज़र में तुम्हें वो बिल्कुल साधारण लगेंगी।”वह हल्का-सा हँसा।“साड़ी पहनती हैं, बहुत धीरे बोलती हैं, और हमेशा