अधूरा सिंदूर: एक नई शुरुआत

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यह एक ऐसी लड़की की कहानी है जिसे समाज और हालात ने हार मानने पर मजबूर कर दिया था, लेकिन उसकी किस्मत ने एक नया मोड़ लिया।अधूरा सिंदूर: एक नई शुरुआतएक छोटे से शहर में रहने वाली स्नेहा की उम्र 28 साल हो चुकी थी। मध्यमवर्गीय परिवार में 28 की उम्र का मतलब था—'शादी की ढलती उम्र'। स्नेहा दिखने में सुंदर थी, पढ़ी-लिखी थी और स्वभाव से बेहद शांत, लेकिन उसकी शादी में बार-बार बाधाएं आ रही थीं। कभी कुंडली नहीं मिलती, तो कभी लड़के वाले दहेज की लंबी लिस्ट थमा देते।स्नेहा के माता-पिता की रातों की नींद उड़ चुकी