मशीन और मनोविज्ञान का मायाजाल: ‘एडिक्शन बाय डिज़ाइन’ की गहन समीक्षालेखिका: नताशा डो शुलविषय: मनोविज्ञान, जुआ, डिज़ाइन, तकनीक, समाजशास्त्रडिजिटल युग का नया नशाहम जब “जुआ” शब्द सुनते हैं, तो अक्सर हमारा मन एक चमकते हुए कैसीनो, हरी मेज और चमकते ताश के पत्तों तक ही सीमित रह जाता है। फिल्मी दुनिया में जेम्स बॉन्ड जैसी शाही जिंदगी और कैसीनो की चमक-दमक के दृश्य दिमाग में घूमते हैं। लेकिन नताशा डो शुल की पुस्तक एडिक्शन बाय डिज़ाइन यह धारणा पूरी तरह बदल देती है।यह सिर्फ जुए के खेल की कहानी नहीं है। यह बताती है कि कैसे तकनीक, मशीन डिज़ाइन और