Honted Jobplace - 5

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9th और 8th floor पर कमरे में हल्की धूल, टूटी हुई खिड़कियाँ, और धूप की किरणें अजीब तरह की छाया डाल रही हैं।श्रव्या खड़ी है — उसके हाथ में प्रिशा, संतोष और स्मिता की फाइलें। उसके चेहरे पर डर नहीं, बल्कि दृढ़ता और हल्की मुस्कान है।प्रिशा (धीरे, खुद से) बोली - अब तुम्हें शांति मिलेगी। तुम फँसे नहीं रहोगे।मैं... मैं तुम्हें आज़ाद करती हूँ।वो फाइल जमीन पर रखती है। जैसे ही वो ऐसा करती है, कमरे में हवा तेज़ हो जाती है। पुराने पंखे घूमने लगते हैं। दीवारों पर हल्की रोशनी की परछाइयाँ उभरती हैं। प्रिशा, संतोष और स्मिता की परछाइयाँ