वो नंबर सात घंटे से मीरा के हाथ पर था। स्याही थोड़ी सी फैल गई थी — जैसे वो भी सीधी रहना नहीं चाहती थी।मीरा विरासत क्षेत्र 4 की एक चाय की दुकान के बाहर बैठी थी। प्लास्टिक की कुर्सी। उसके सामने एक कप था जो अब ठंडा हो चुका था। उसने उसे छुआ नहीं था। उसका दिमाग कहीं और था — उस चार-शब्द के संदेश में, उस फ़ाइल नंबर में, उस बात में जो संभव ही नहीं होनी चाहिए थी।मेमवॉल्ट का तंत्र बंद था। सरकार द्वारा प्रमाणित। कोई भी खरीदी हुई याद तक नहीं पहुँच सकता था — सिर्फ