2087 में, सबसे महंगी चीज़ यादें थीं। और सबसे सस्ती चीज़ भी।मीरा के हाथ काँपते थे — बस थोड़े से, मुश्किल से नज़र आने वाले — जब उसने अपनी हथेली मेमवॉल्ट स्कैनर के ऊपर रखी। शीशे के काउंटर के पीछे बैठा तकनीशियन, एक उकताया हुआ लड़का जिसके नाम के टैग पर "रोहन-7" लिखा था, बिना उसकी तरफ देखे स्क्रीन पर कुछ टाइप करता रहा।"कितनी देनी हैं?" उसने पूछा। एक आम सा सवाल। जैसे कोई किराने की सूची माँग रहा हो।"सारी।" मीरा की आवाज़ बिल्कुल सपाट थी।अब रोहन-7 ने उसकी तरफ देखा।