जज की आवाज़ कोर्टरूम में गूँज रही थी। “अदालत ने प्रस्तुत सबूतों, गवाहों और पुलिस की जाँच रिपोर्ट का अवलोकन किया है।” कमरे में साँसें थम गईं। “इस मामले में प्रस्तुत अधिकांश सबूत कमज़ोर हैं, सर्कमस्टांशियल हैं।” “मुख्य गवाह—” उन्होंने फ़ाइल से नज़र उठाई। “वर्षा— लापता है।” कोर्टरूम में हल्की फुसफुसाहट हुई। जज ने हथौड़ा मेज़ पर हल्का सा ठोका। “शांति रखिए।” फिर बोले— “पुलिस की जाँच… लापरवाहियों से भरी हुई है।” सरकारी वकील की आँखें झुक गईं। जज की आवाज़ अब पहले से भारी थी। “और इस अदालत के सामने यह तथ्य भी है कि अभियुक्तों ने अपनी जान