दया की कीमतसूरज डूब रहा था, पड़ोस पर लंबी, खूनी परछाईं पड़ रही थी। नया परिवार यह डरावना नज़ारा देखकर स्तब्ध खड़ा रह गया। एक बूढ़ी औरत, जिसके बाल राख जैसे सफेद थे, को उसके ही घर से बालों से खींचकर बाहर निकाला गया। दया की उसकी चीखों पर ठंडी हंसी सुनाई दी। वे डर के मारे देख रहे थे कि कैसे एक बुलडोजर उसकी यादों को धूल के ढेर में बदल रहा था।चुप नहीं रह सका, नए परिवार का पिता बूढ़ी औरत की ओर दौड़ा। उसने उसे उठाने की कोशिश की, उसकी आवाज़ गुस्से से कांप रही थी। "यह